Official answers to common RDD complaint and ticket questions.
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व्यक्तिगत शौचालय (IHHL) के निर्माण हेतु लाभुकों को स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
प्रत्येक लाभार्थी को Rs. 12,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
संबंधित लाभुक संबंधित पोर्टल या हेल्पलाइन, अपने ग्राम पंचायत, प्रखंड कार्यालय या संबंधित स्वच्छता पदाधिकारी से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
लाभुक द्वारा शौचालय का निर्माण पूर्ण होने तथा सत्यापन एवं IMIS पोर्टल पर जियो टैगिंग के बाद ही प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है।
निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है:
- संबंधित पोर्टल या हेल्पलाइन
- ग्राम पंचायत या मुखिया
- प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)
लाभुक अपने आवेदन संख्या या आधार संख्या के माध्यम से संबंधित पोर्टल अथवा स्थानीय कार्यालय से भुगतान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
शिकायत दर्ज करने के समय निम्नलिखित जानकारी तैयार रखें:
- लाभुक का नाम एवं पता
- आवेदन संख्या या पंजीकरण संख्या
- आधार संख्या
- शौचालय का फोटो, यदि उपलब्ध हो
यह एक सार्वजनिक शौचालय सुविधा है, जिसका उपयोग सामुदायिक स्तर पर किया जाता है।
संबंधित पोर्टल या हेल्पलाइन, संबंधित पंचायत, वार्ड सदस्य या प्रखंड कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
निम्नलिखित समस्याओं की शिकायत की जा सकती है:
- पानी की आपूर्ति नहीं होना
- साफ-सफाई का अभाव
- टूट-फूट या रख-रखाव की समस्या
- बिजली या प्रकाश की व्यवस्था नहीं होना
- शौचालय के आसपास जलभराव
इसका रख-रखाव संबंधित ग्राम पंचायत एवं संचालन समिति द्वारा किया जाता है।
निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है:
- संबंधित पोर्टल या हेल्पलाइन
- पंचायत कार्यालय के माध्यम से लिखित आवेदन
शिकायत प्राप्त होने के उपरांत संबंधित विभाग द्वारा यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
इस सेवा के अंतर्गत स्वच्छता कर्मी द्वारा प्रतिदिन घरों से कचरे का संग्रहण किया जाता है।
संबंधित पोर्टल या हेल्पलाइन, संबंधित वार्ड सदस्य या पंचायत में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित समयानुसार स्वच्छता कर्मी द्वारा दैनिक रूप से कचरा संग्रहण किया जाता है।
निम्नलिखित समस्याओं की शिकायत की जा सकती है:
- कचरा संग्रहण का नियमित न होना
- स्वच्छता कर्मी का नहीं आना
- कचरा वाहन की अनुपलब्धता
- गंदगी का उचित निस्तारण नहीं होना
कचरे के पृथक्करण से उसके वैज्ञानिक निस्तारण एवं पुनर्चक्रण में सुविधा होती है।
शिकायत दर्ज करने के समय निम्नलिखित जानकारी तैयार रखें:
- वार्ड संख्या
- पता
- समस्या का विवरण
- तिथि एवं समय
घरेलू एवं अन्य स्रोतों से निकलने वाले गंदे पानी, जैसे नाली और सोख्ता, के समुचित निस्तारण एवं प्रबंधन को धूसर जल प्रबंधन कहा जाता है।
संबंधित पोर्टल या हेल्पलाइन अथवा संबंधित पंचायत में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
निम्नलिखित समस्याओं की शिकायत की जा सकती है:
- नालियों की सफाई नहीं होना
- जल जमाव की समस्या
- नालियों का अवरुद्ध होना
- दुर्गंध एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या
ग्राम पंचायत द्वारा नियमित रूप से नालियों की सफाई कराई जाती है।
निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है:
- संबंधित पोर्टल या टोल-फ्री हेल्पलाइन
- पंचायत कार्यालय के माध्यम से लिखित आवेदन
धूसर जल प्रबंधन से निम्नलिखित लाभ होते हैं:
- जल जमाव में कमी
- स्वच्छता में सुधार
- रोगों की रोकथाम
- पर्यावरण संरक्षण
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