बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन सोसाइटी
जीविका ग्रामीण गरीब परिवारों को सुदृढ़ आजीविका, सामुदायिक संस्थाओं, वित्तीय पहुंच तथा सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से सहयोग प्रदान करती है।
जीविका के माध्यम से सशक्तिकरण
ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत बीआरएलपीएस के माध्यम से बिहार सरकार ग्रामीण गरीबों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जीविका का क्रियान्वयन करती है।
बिहार में एनआरएलएम का क्रियान्वयन
एसजीएसवाई को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के रूप में पुनर्गठित किए जाने के बाद, बिहार सरकार ने राज्य में एनआरएलएम के क्रियान्वयन हेतु बीआरएलपीएस को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के रूप में नामित किया, जो जीविका के अनुभव पर आधारित है।
सहभागितापूर्ण दीर्घकालिक योजना
राज्य परिप्रेक्ष्य एवं क्रियान्वयन योजना (एसपीआईपी) को व्यापक हितधारक परामर्श के माध्यम से तैयार किया गया तथा बिहार में एनआरएलएम के दीर्घकालिक क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया।
सुदृढ़ कौशल, उद्यम और सतत आजीविकाएं।
एसपीआईपी का उद्देश्य गरीबों की मजबूत जमीनी संस्थाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को लाभकारी स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर गरीबी में कमी लाना है।
विकास के केंद्र में गरीबों की संस्थाएं।
- गरीब परिवारों का सामाजिक संगठन।
- वित्तीय समावेशन और सेवाओं तक पहुंच।
- आजीविका संवर्धन के साथ असुरक्षा में कमी।
- संवेदनशील और समर्पित सहायता संरचना।
जीविका के माध्यम से सामूहिक पहल और आजीविका प्रगति।
आजीविका सहायता या सामुदायिक संस्था सेवाओं से संबंधित शिकायत दर्ज करें।
नागरिक जीविका सेवाओं और क्रियान्वयन सहायता से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और उनकी स्थिति ट्रैक करने के लिए आरडीडी शिकायत पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।