जल-जीवन-हरियाली अभियान
जलवायु परिवर्तन से निपटने हेतु बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल।
जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरणीय संतुलन को लक्षित राज्य सरकार की बहुआयामी पहल।
इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन, हरित आवरण में वृद्धि, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग तथा नई कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना है।
- 20वें सीएसआई ई-गवर्नेंस अवॉर्ड्स में परियोजना श्रेणी के अंतर्गत अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस।
- चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2022 में सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में तृतीय पुरस्कार।
- बिहार के भूजल संकेतकों में सुधार के लिए राष्ट्रीय रिपोर्टिंग में श्रेय।
अभियान का संचालन एवं क्रियान्वयन।
जल संरक्षण, पुनरुद्धार, वृक्षारोपण और जागरूकता गतिविधियां एक पर्यावरणीय मिशन के अंतर्गत संचालित की जाती हैं।
जल-जीवन-हरियाली अभियान के प्रमुख अवयव।
डायनेमिक ग्राउंड वाटर रिसोर्सेज असेसमेंट ऑफ इंडिया 2022 के अनुसार, 2020 की तुलना में बिहार का वार्षिक भूजल पुनर्भरण 28.05 से बढ़कर 33.14 बिलियन घन मीटर हो गया।
वार्षिक उपयोग योग्य भूजल संसाधन 25.46 से बढ़कर 30.04 बिलियन घन मीटर हो गया, और रिपोर्ट ने विशेष रूप से जल-जीवन-हरियाली अभियान को श्रेय दिया।
भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2022 के अनुसार, 2019 की तुलना में 2021 में बिहार के वन आवरण में 1.03 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
योजना संबंधी समस्याओं के लिए इसी शिकायत चैनल का उपयोग करें।
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