महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम
मनरेगा उन ग्रामीण परिवारों को, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का रोजगार प्रदान कर आजीविका सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करता है।
मांग आधारित मजदूरी रोजगार
मनरेगा प्रत्येक ग्रामीण परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करता है।
कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षा
यह अधिनियम सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करता है, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) का सशक्तिकरण शामिल है।
सतत विकास की मजबूत नींव
मनरेगा के कार्यों से सुखारोधन, बाढ़ प्रबंधन, जल संरक्षण संरचनाएं, ग्रामीण सड़कें, वृक्षारोपण और भूमि विकास जैसी टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों का निर्माण होता है।
रोजगार और टिकाऊ संपत्तियों के माध्यम से आजीविका सुरक्षा।
रोजगार और उपयोगी ग्रामीण संपत्तियों के निर्माण के माध्यम से मनरेगा सतत ग्रामीण विकास और सामुदायिक सुदृढ़ता को समर्थन देता है।
जॉब कार्ड, काम की मांग, मजदूरी या कार्यस्थल से संबंधित समस्याएं दर्ज करें।
नागरिक मनरेगा सेवाओं और क्रियान्वयन सहायता से संबंधित शिकायतें दर्ज और ट्रैक करने के लिए आरडीडी शिकायत पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।